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इंस्टाग्राम पर दोस्ती बनी जाल, युवक का अपहरण कर बनाई आपत्तिजनक वीडियो; 10 आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती का झांसा देकर एक युवक के अपहरण और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर युवती से हुई दोस्ती के बाद युवक को मिलने के बहाने उज्जैन बुलाया गया, जहां एक संगठित गिरोह ने उसका अपहरण कर मारपीट की, आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की फिरौती मांग ली। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।

नौकरी का झांसा देकर बुलाया उज्जैन

नानाखेड़ा थाना पुलिस के अनुसार, नरवर निवासी 29 वर्षीय युवक की इंस्टाग्राम पर एक युवती से पहचान हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद युवती ने नौकरी और काम के सिलसिले में मिलने के लिए 18 जुलाई को उसे उज्जैन बुलाया। युवक रेलवे स्टेशन पहुंचा और युवती को साथ लेकर एक होटल गया। वहां से बाहर निकलते ही तपोभूमि क्षेत्र में दो कारों में सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोक ली।

मारपीट कर बनाया आपत्तिजनक वीडियो

पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, आंखों पर पट्टी बांधकर उसे एक सुनसान स्थान पर ले गए और वहां उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पहले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। बाद में सौदा 26 लाख रुपये पर तय किया गया।

परिजनों से वसूले 10 लाख रुपये

पीड़ित के परिजनों ने एक प्लॉट बेचकर 10 लाख रुपये की व्यवस्था की और आरोपियों को रकम सौंप दी। इसके बावजूद गिरोह ने बाकी राशि की मांग जारी रखी। आरोपियों ने युवक की कार, सोने की चेन और घड़ी भी अपने कब्जे में रख ली। करीब एक दिन बाद युवक को इंदौर रोड पर छोड़ दिया गया।

तकनीकी जांच से 10 आरोपी गिरफ्तार

20 जुलाई को पीड़ित ने नानाखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

सोशल मीडिया के जरिए फंसाता था गिरोह

प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। पहले आर्थिक रूप से संपन्न लोगों की पहचान की जाती थी, फिर एक युवती के माध्यम से सोशल मीडिया पर दोस्ती कर उन्हें मिलने के बहाने बुलाया जाता था। इसके बाद अपहरण कर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर बदनामी का डर दिखाते हुए मोटी रकम वसूली जाती थी।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।