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लोन के नाम पर साइबर ठगी: प्रतियोगी छात्र से 1.25 लाख रुपये ऐंठे, फेसबुक विज्ञापन बना जाल!

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक प्रतियोगी छात्र से 1 लाख 25 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर पहले लोन स्वीकृत होने का भरोसा दिलाया और फिर प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी, रिफंड और अन्य चार्ज के नाम पर लगातार रकम वसूलते रहे। मामले में हीरानगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई ठगी

पुलिस के अनुसार, हीरानगर थाना क्षेत्र के मारुति नगर निवासी अनिरुद्ध भदौरिया, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 जून को फेसबुक पर उन्हें आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया।

कुछ ही देर में एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताया और व्हाट्सएप पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी तथा फोटो भेजने को कहा। दस्तावेज भेजने के बाद उन्हें 1 लाख रुपये का लोन स्वीकृत होने का संदेश मिला। भेजे गए स्वीकृति पत्र पर इंडियाबुल्स धानी फाइनेंस का नाम अंकित था।

’10 मिनट में लोन मिलेगा’ कहकर वसूले पैसे

इसके बाद आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2,250 रुपये यूपीआई से जमा करा लिए। भुगतान के बाद फिर कॉल आया और कहा गया कि वरिष्ठ अधिकारी लोन जारी करेंगे। अगले दिन दोबारा फोन कर दावा किया गया कि सिर्फ 10 मिनट में लोन की राशि खाते में भेज दी जाएगी, लेकिन इसके लिए एक क्यूआर कोड स्कैन कर अतिरिक्त शुल्क जमा करना होगा।

पीड़ित ने भरोसा कर कई बार अलग-अलग भुगतान किए, लेकिन खाते में लोन की राशि नहीं आई।

रिफंड और जीएसटी के नाम पर भी चलता रहा खेल

जब अनिरुद्ध ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कहा कि लोन जारी होते ही पूरी रकम रिफंड कर दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने जीएसटी, वेरिफिकेशन फीस और अन्य चार्ज के नाम पर भी कई बार पैसे जमा कराए। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने लोन निरस्त करने की बात कही तो उससे कैंसिलेशन शुल्क भी मांगा गया।

लगातार भुगतान के बाद भी न तो लोन मिला और न ही जमा की गई रकम वापस आई। इस तरह साइबर ठगों ने कुल 1.25 लाख रुपये की ठगी कर ली।

साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

ठगी का अहसास होने पर अनिरुद्ध ने तुरंत साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर हीरानगर पुलिस ने शनिवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले लोन विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी फाइनेंस कंपनी के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या अन्य शुल्क अग्रिम जमा करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और ग्राहक सेवा से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेनदेन होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।