उज्जैन। सराफा स्कूल को शहर से करीब 12 से 15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी स्थानांतरित किए जाने के विरोध में छात्राओं और अभिभावकों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में सराफा स्कूल की छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और परिसर में जमीन पर बैठकर स्कूल शिफ्टिंग के फैसले का विरोध किया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने ‘दाऊदखेड़ी नहीं जाएंगे’ और ‘ये मनमानी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। छात्राओं के हाथों में ‘बेटी अनमोल है’ और ‘हम अपना अधिकार मांगते हैं’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां भी थीं। प्रदर्शन के दौरान दो छात्राओं के बेहोश होने की जानकारी सामने आई। कई अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
सुरक्षा और परिवहन को लेकर अभिभावकों की चिंता
छात्राओं और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल को शहर से इतनी दूर ले जाने से रोजाना आने-जाने में परेशानी होगी। छात्राओं की सुरक्षा, परिवहन की व्यवस्था और अतिरिक्त यात्रा समय को लेकर भी अभिभावकों ने चिंता जताई।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में छात्राएं शहर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं, तो स्कूल को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का फैसला क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
RTE के प्रावधानों का हवाला देकर उठाए सवाल
शिक्षा संघर्ष समिति के एडवोकेट जितेंद्र सेंगर ने स्कूलों को 15 किलोमीटर दूर तक शिफ्ट किए जाने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों के निवास स्थान से स्कूल की दूरी को लेकर नियम निर्धारित हैं।
सेंगर के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर स्कूल की दूरी करीब 1 से 3 किलोमीटर, माध्यमिक स्तर पर 5 किलोमीटर और दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अधिकतम 8 किलोमीटर के दायरे में स्कूल की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में स्कूल को शहर से 12 से 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा- शासन का निर्णय
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने बताया कि स्कूल को स्थानांतरित करने का निर्णय शासन स्तर से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे, तब शासन की ओर से निर्देश मिले थे कि इस संबंध में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति अंतिम निर्णय लेगी।
फिलहाल सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी स्थानांतरित किए जाने के विरोध में छात्राओं और अभिभावकों का आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

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