मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बालाघाट जिले में बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचने और प्रभावित गांवों में मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने की संभावना है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उनके दौरे की जानकारी साझा की है।
बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में जून-जुलाई से अब तक 30 से अधिक बच्चों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों में अधिकांश मृतकों के बैगा और गोंड समुदाय से होने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर है।
मौतों को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं, कुपोषण, स्वच्छ पेयजल और समय पर इलाज जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। स्वास्थ्य जांचों में खसरा, मलेरिया, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन, निमोनिया और अन्य संक्रमण जैसी कई स्थितियों का उल्लेख हुआ है। अब तक किसी एक बीमारी या वायरस को सभी मौतों का एकमात्र कारण नहीं बताया गया है।
मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ तक भी पहुंच चुका है। अदालत ने राज्य सरकार और बालाघाट प्रशासन से जवाब मांगा है।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रभावित आदिवासी गांवों का दौरा कर परिजनों से मुलाकात की थी। उनके दौरे के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के साथ कथित बहस का वीडियो भी सामने आया था।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य निगरानी और उपचार व्यवस्था बढ़ाने की जानकारी दी गई है। बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर जांच जारी है।

More Stories
बागेश्वर बाबा विवाद के बीच शुभेंदु अधिकारी का बयान- साधु-संतों का अपमान करने वालों को जेल जाना होगा
मध्यप्रदेश के आशीष ऊषा अग्रवाल बने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक
खड़े हनुमान मंदिर के समर्थन में उमा भारती ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, बोलीं- आस्था और विकास में बने संतुलन