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₹200 में उज्जैन दर्शन: 15 धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी ई-बस सेवा, CM मोहन यादव ने 10 बसों को दिखाई हरी झंडी

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रविवार से ₹200 में उज्जैन दर्शन ई-बस सेवा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक स्थित अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से 10 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने खुद भी ई-बस में सफर किया।

नई सेवा के तहत श्रद्धालु करीब 27.01 किलोमीटर लंबे निर्धारित रूट पर शहर के 15 प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे। खास बात यह है कि यात्रियों को हर स्थान के लिए अलग टिकट नहीं लेना होगा।

एक टिकट से कई मंदिरों के दर्शन

ई-बस सेवा में यात्री निर्धारित स्टॉप पर उतरकर संबंधित मंदिर या धार्मिक स्थल के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से अपनी यात्रा आगे जारी रख सकेंगे। इससे श्रद्धालुओं को बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी और शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण आसान होगा।

मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा उज्जैन दर्शन रूट

उज्जैन दर्शन ई-बस सेवा का रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़कालिका, कालभैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह और इस्कॉन मंदिर तक जाएगा।

इसके बाद बसें बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेंगी।

CCTV, GPS और डिजिटल टिकटिंग की सुविधा

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए ई-बसों में लाइव CCTV, GPS ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग और UPI पेमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सहायता के लिए डिजिटल असिस्टेंट और उज्जैन दर्शन गाइड की सुविधा भी दी जाएगी।

21 साल बाद सार्वजनिक परिवहन सेवा को नया रूप

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीब 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें संचालित होती थीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद हो गई। अब इस कमी को दूर करने के लिए शहर में नई बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उज्जैन को दूसरे शहरों और राज्यों से जोड़ने वाली बस सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

शहर में 12 रूट पर चलेंगी सिटी बसें

सुगम परिवहन सेवा के तहत उज्जैन शहर में कुल 12 सिटी बस रूट निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि-पानबिहार, रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानिपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास गेट-ताजपुर, देवास गेट-नया आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन रूट शामिल हैं।

₹172.87 करोड़ के 15 विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने रविवार को उज्जैन में ₹172.87 करोड़ की लागत वाले 15 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इनमें 12 कार्यों का भूमिपूजन और 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

नगर निगम से जुड़े प्रमुख कार्यों में गौशाला मार्ग से क्षिप्रा विहार मार्ग का निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग सुविधा का विकास, महाकाल मंदिर परिसर से जुड़े विकास कार्य और क्षिप्रा घाटों का जीर्णोद्धार शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस आवास, थाना भवन, महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग और 45 नगरीय वनों के विकास से जुड़े कार्य भी शामिल हैं।

लोकार्पित कार्यों में नीलगंगा और उन्हेल में पुलिस आवास एवं थाना भवन तथा बड़नगर में 33/11 केवी उपकेंद्र शामिल हैं।

महाकाल लोक में मुख्यमंत्री ने सुनी ‘मन की बात’

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 138वें एपिसोड को भी सुना। इस दौरान प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।