भोपाल। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बिना तथ्यों के मुख्यमंत्री और उनके परिवार को लगातार निशाना बना रहे हैं।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने कहा कि जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह किसी निजी संस्था को नहीं बल्कि वीरभूम ट्रस्ट को हस्तांतरित की गई है। यह ट्रस्ट संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। ऐसे में शासन की भूमि शासन से संबंधित संस्था को दिए जाने में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन में भूमि उपयोग और विकास से जुड़े सभी निर्णय पूर्व निर्धारित मास्टर प्लान के अनुसार किए गए हैं। यह मास्टर प्लान डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से कई माह पहले ही लागू हो चुका था। इसलिए मुख्यमंत्री को इस मामले से जोड़ना तथ्यों के विपरीत है।
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस जिन दस्तावेजों और रिपोर्टों का हवाला दे रही है, उनमें भी मुख्यमंत्री का नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों का उल्लेख है। मुख्यमंत्री का परिवार अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेता है और उसे राजनीतिक विवादों से जोड़ना अनुचित है।
उन्होंने बताया कि ग्राम गांगेड़ी में मुख्यमंत्री की पुत्रवधु द्वारा खरीदी गई भूमि मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई थी, लेकिन वह क्षेत्र मास्टर प्लान की सीमा से बाहर है। इसलिए इस खरीद को मुख्यमंत्री के पद और प्रभाव से जोड़ना भ्रामक एवं तथ्यहीन है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि जीतू पटवारी बिना प्रमाण के आरोप लगाने की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जिससे कांग्रेस असहज और बौखलाई हुई है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को उसकी “ओछी मानसिकता” का परिचायक बताया।
मंत्री कश्यप ने यह भी कहा कि यदि भूमि आवंटन और ट्रस्टों की जांच की मांग की जा रही है तो कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े निजी ट्रस्टों को आवंटित जमीनों की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिस सिद्धिविनायक बिल्डकॉन कंपनी का नाम उछाला जा रहा है, उसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपना हिस्सा छोड़ चुके हैं।
कश्यप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का सिलसिला जारी रहा तो कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

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