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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, अब तक 132 मौतें, 1500 से ज्यादा घर तबाह

बोगोटा। कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। भूकंप के कारण अब तक 132 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि करीब 570 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में बड़ी संख्या में मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। राहत एजेंसियों के अनुसार करीब 1,575 घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कई मकान पूरी तरह ढह गए हैं। 61 इमारतों के भी प्रभावित होने की सूचना है।

भूकंप के बाद कई इलाकों में मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों को तलाशने का अभियान लगातार चल रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे में फंसे हो सकते हैं।

प्रभावित शहरों में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

भूकंप के अगले दिन पश्चिमी कोलंबिया के कैली, क्विब्डो, पेरेइरा और आसपास के क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया। बचाव दल भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।

भूकंप से करीब 1,600 इमारतों के क्षतिग्रस्त या ढहने की जानकारी सामने आई है। कई परिवार अपने घरों के मलबे में अपनों की तलाश कर रहे हैं। लापता लोगों की जानकारी जुटाने और साझा करने के लिए स्थानीय नागरिकों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी तैयार किए हैं। सबसे अधिक प्रभावित शहरों में शामिल पेरेइरा में करीब 60 लोगों की मौत की सूचना है।

बच्चों के लिए बनाए जा रहे सुरक्षित केंद्र

आपदा के बीच राहत एजेंसियों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। प्रभावित इलाकों में ऐसे सुरक्षित स्थान तैयार किए जा रहे हैं, जहां उन बच्चों को रखा जा सके जिनके माता-पिता की मौत हो गई है या जिनसे उनका संपर्क टूट गया है।

इन केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के साथ-साथ खेल और मनोरंजन जैसी गतिविधियों की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि भूकंप के बाद पैदा हुए मानसिक दबाव और भय से उन्हें उबरने में मदद मिल सके।

चोको में राहत कार्य के सामने बड़ी चुनौती

भूकंप का केंद्र चोको क्षेत्र में बताया गया है। यह कोलंबिया के आर्थिक रूप से पिछड़े और लंबे समय से उपेक्षा का सामना कर रहे क्षेत्रों में शामिल है। क्षेत्र में सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के कारण पहले से ही सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।

भौगोलिक परिस्थितियां भी राहत कार्य में बाधा बन रही हैं। घने जंगलों और दुर्गम इलाकों के कारण कई प्रभावित स्थानों तक सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है। कुछ क्षेत्रों में राहत दलों को नाव या विमान का सहारा लेना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति ने प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला सोमवार रात क्षेत्र की राजधानी क्विब्डो पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। सरकार और राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को निकालने तथा प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं।