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पेंशन के दस्तावेज बनाने के बदले मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने बाबू को रंगे हाथों दबोचा!

रतलाम। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। रतलाम जिले के जावरा में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने एक शासकीय स्कूल के संकुल केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 (बाबू) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सेवानिवृत्त शिक्षक के पेंशन संबंधी दस्तावेज तैयार करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था।

जानकारी के अनुसार, जावरा ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या में पदस्थ शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) और अन्य आवश्यक दस्तावेज जारी करवाने थे। आरोप है कि कमला नेहरू शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 अनिल वर्मा ने दस्तावेज तैयार करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में मामला 10 हजार रुपये में तय हुआ।

रिश्वत की मांग से परेशान शिक्षक ने लोकायुक्त पुलिस उज्जैन से शिकायत की। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की। डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के निर्देशन में टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिक्षक रिश्वत की राशि लेकर आरोपी के कार्यालय पहुंचे। जैसे ही शिक्षक ने 10 हजार रुपये आरोपी को दिए, उसने रकम को अपनी टेबल पर रखे रजिस्टर के नीचे छिपा दिया। इसके बाद शिक्षक ने बाहर मौजूद लोकायुक्त टीम को संकेत दिया। सूचना मिलते ही टीम ने कार्यालय में दबिश दी और आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान रजिस्टर के नीचे रखी रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी अनिल वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में निरीक्षक हीना डावर सहित लोकायुक्त की टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं लोकायुक्त की टीम ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।