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राज्यसभा चुनाव 2026: भाजपा ने मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार

नई दिल्ली/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वर्ष 2026 में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न राज्यों के प्रत्याशियों के नामों को अंतिम मंजूरी प्रदान की है। सूची में मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों के उम्मीदवारों की घोषणा की गई है।

मध्य प्रदेश से भाजपा ने राज्यसभा की दो सीटों के लिए वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल पर भरोसा जताया है। दोनों नेताओं को संगठन में लंबे अनुभव और सक्रिय भूमिका के चलते उम्मीदवार बनाया गया है।

तरुण चुग को मिला संगठनात्मक अनुभव का पुरस्कार

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में माने जाते हैं। पंजाब के अमृतसर से आने वाले चुग लंबे समय से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाली हैं। चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में उनकी भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन्हें लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। विभिन्न राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भी वे अहम भूमिका निभा चुके हैं।

रजनीश अग्रवाल को भी मिला मौका

भाजपा के प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल को मध्य प्रदेश में संगठन के मजबूत और जमीनी नेताओं में गिना जाता है। बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति और कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

पार्टी के भीतर पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूती देने वाले नेताओं में उनकी पहचान है। भाजपा नेतृत्व ने उनके अनुभव और संगठनात्मक योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।

संगठन को प्राथमिकता का संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस बार राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव और लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे नेताओं को प्राथमिकता दी है। मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के नामों की घोषणा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं और अब सभी की नजर आगामी चुनावी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।