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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर विवाद, महिलाओं पर टिप्पणी से बढ़ी सियासी गर्मी!

नागपुर में आयोजित कथा के दौरान चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। महिलाओं में बढ़ती शराब पीने की आदत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “आजकल पुरुष तो छोड़िए, बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं… बजरंग बली बचाएं।” उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

कथा के दौरान शास्त्री ने कहा कि जब माताएं ही “विचित्र संस्कार” अपनाने लगेंगी तो उसका सीधा असर बच्चों पर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे हालात बन सकते हैं कि बच्चे के रोने पर उसे भी शराब पिलाकर सुलाया जाए। उन्होंने पुराने समय के संस्कारों और मर्यादाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग गलत काम करने से डरते थे, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कोई बयान चर्चा में आया हो। इससे पहले भी नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या देश सेवा के लिए समर्पित करने की अपील की थी। उस बयान पर भी देशभर में विवाद हुआ था। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनका आशय बच्चों को सेना, डॉक्टर या राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना था।

ताजा बयान के बाद छतरपुर में विरोध तेज हो गया है। महिला कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यासपीठ से इस तरह के शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले बयान नहीं दिए जाने चाहिए।

दीप्ति पांडे ने कहा कि मां बच्चों की प्रथम गुरु होती है और उनके लिए इस प्रकार की टिप्पणी समाज में गलत संदेश देती है। उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

धार्मिक मंच से दिए जा रहे ऐसे बयानों ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। समर्थक इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ मान रहे हैं। लगातार ऐसे बयानों से सियासी माहौल भी गर्माता जा रहा है।