मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के जल को पवित्र और प्रवाह को अविरल रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है. शुक्रवार को CM मोहन यादव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन ने समीक्षा करने के साथ-साथ कई बड़े फैसले लिए. अब नर्मदा किनारे बसे धार्मिक नगरों और स्थलों के आसपास मांस-मदिरा पर प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए.
मांस-मदिरा पर प्रतिबंध
बैठक में फैसला लिया गया कि नर्मदा किनारे बसे धार्मिक नगरों और स्थलों के आसपास मांस-मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए. साथ ही नदी में मशीनों से खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए. वहीं, नर्मदा नदी के आसपास चलने वाली गतिविधियों पर सेटेलाइट इमेजरी और ड्रोन टेक्नोलॉजी के जरिए नजर रखी जाए.
CM ने कहा ये विश्व की यह एकमात्र नदी है, जिसकी परिक्रमा की जाती है. ऐसे में रिक्रमा को प्रमुख धार्मिक और पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से परिक्रमा करने वालों की सुविधा के लिए परिक्रमा पथ विकसित करने की दिशा में चरणबद्ध रूप से कार्य किया जाए.

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