ई-रिक्शाओं के अव्यवस्थित संचालन के कारण आए दिन शहर में चक्काजाम व यातायात बिगड़ने का मामला पिछले दिनों जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उठा था। तब कलेक्टर नीरजकुमार सिंह की अध्यक्षता वाली इस बैठक में समस्या के समाधान के लिए एक निर्णय लिया था। बताया था कि शहर को छह जोन व 20 प्रमुख रूट में बांटा जाकर ई-रिक्शा संचालकों को रूट आवंटित किए जाएं।
इसी के चलते शहर में ई-रिक्शा अब दिन और रात दो चरणों में चलेंगे। रूट की कोई पाबंदी नहीं रहेगी। दिन व रात को चलने वाले वाहनों के कलर कोड अलग-अलग रहेंगे, जिनसे इनकी पहचान होगी।
मंगलवार दोपहर 12 बजे शहर के सभी करीब 6 हजार चालक अपने ई-रिक्शाओं के साथ कार्तिक मेला ग्राउंड में एकत्रित होंगे। यहां आरटीओ-पुलिस व प्रशासन के संयुक्त अमले की मौजूदगी में लॉटरी सिस्टम से इनके चरण तय होंगे।
लॉटरी से तय हो जाएगा कि कौन से 50 फीसदी वाहन दिन में चलेंगे और कौन से 50 फीसदी ई-रिक्शा रात को संचालित होंगे। आरटीओ कार्यालय के बाबू अजय पांडे ने बताया कि असंगठित प्राइवेट ट्रांसपोर्ट संघ की तरफ से इस नई व्यवस्था को लेकर सहमति जताई गई है। इन्होंने कार्तिक मेला ग्राउंड पर आने को कहा है। बेतरतीब खड़ी ई-रिक्शा।
उम्मीद की गई थी कि इस व्यवस्था से ये होगा कि एक ही क्षेत्र में ज्यादातर ई-रिक्शा नहीं चल पाएंगे। यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही ये भी स्पष्ट किया था कि एक बार आवंटित रूट प्रत्येक तीन महीने में बदले भी जाएंगे, ताकि सभी चालकों को प्रत्येक क्षेत्र में वाहन चलाने का अवसर मिले। बैठक में लिए निर्णय अनुसार बाद में रूट आवंटन की प्रक्रिया आरटीओ कार्यालय से शुरू हुई। साथ ही इसका जमकर विरोध भी होने लगा था।

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