कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की दुकानें और बार बंद रखने का फैसला किया है। इसके अलावा पूजा समारोह और विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे बजाने पर भी रोक रहेगी।
सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों से आयोजन के दौरान धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का ध्यान रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मूर्ति, पंडाल और पूजा की थीम ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।
थीम पूजा पर रोक नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि थीम आधारित दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, पूजा समितियों को थीम और सजावट का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि धार्मिक परंपराओं और भावनाओं का सम्मान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पूजा आयोजनों के लिए सड़कों के इस्तेमाल को लेकर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग को पूजा कार्यक्रम के लिए बंद नहीं किया जा सकेगा। कोलकाता की रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 प्रमुख सड़कों पर भी पूजा से जुड़ी ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिनसे यातायात प्रभावित हो।
विसर्जन को लेकर भी निर्देश
सरकार ने पूजा समितियों को लक्ष्मी पूजा से पहले निर्धारित अवधि के भीतर प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी समिति को विसर्जन की तारीख बदलने के लिए दबाव या धमकी नहीं दी जाएगी।
विसर्जन प्रक्रिया के दौरान क्रेन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन को पूजा और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा समितियों को एक लाख रुपये की सहायता
राज्य सरकार ने इस वर्ष दुर्गा पूजा समितियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। पिछले वर्ष यह राशि 1.10 लाख रुपये थी। इसके साथ ही पूजा समितियों को बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने का भी फैसला किया गया है।
अग्निशमन विभाग से सुरक्षा मंजूरी लेने के लिए भी समितियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार ने कहा है कि जिन समितियों को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, वे स्थानीय स्तर पर इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। वहीं बड़े बजट वाली और आर्थिक रूप से सक्षम समितियों से स्वेच्छा से सरकारी अनुदान छोड़ने की अपील की गई है।
मां दुर्गा के विज्ञापन में 11 भुजाएं दिखाने पर विवाद
दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच राज्य सरकार के एक विज्ञापन को लेकर विवाद भी सामने आया। अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन में मां दुर्गा को पारंपरिक 10 भुजाओं के बजाय 11 भुजाओं के साथ दिखाया गया था। अतिरिक्त हाथ में एक ऐसी वस्तु दिखाई गई, जिसे स्पष्ट रूप से पहचाना नहीं जा सका।
विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री की तस्वीरों के साथ मां दुर्गा की तस्वीर भी प्रकाशित की गई थी। इसका उद्देश्य दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर आयोजित होने वाली समन्वय बैठक की जानकारी देना था।
गलती पर मुख्यमंत्री ने मांगी माफी
विज्ञापन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर वह इस गलती के लिए क्षमा मांगते हैं। साथ ही विज्ञापन तैयार करने वालों को चेतावनी दिए जाने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं से जुड़े सरकारी विज्ञापनों को तैयार करते समय अधिक सावधानी बरती जाएगी।

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