उज्जैन। जय श्री महाकाल के गगनभेदी जयघोष, भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं और आसमान से बरसते फूलों के बीच भाद्रपद मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य राजसी महासवारी निकली। राजाधिराज बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकले तो पूरी अवंतिका नगरी शिवमय हो गई। वर्ष 2026 की भाद्रपद मास की अंतिम और प्रमुख राजसी महासवारी में बाबा महाकाल ने भक्तों को छह अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन दिए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी महासवारी में शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन किए।
छह स्वरूपों में नगर भ्रमण
महासवारी की शुरुआत सोमवार शाम करीब चार बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से हुई। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी रथ पर उमा-महेश तथा दो अलग-अलग रथों पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद और सप्तधान मुखारविंद विराजमान रहे।
मंदिर के सभामंडप में पूजन के बाद शहनाई गेट पर सशस्त्र बल ने भगवान चंद्रमौलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी और हरसिद्धिपाल होते हुए रामघाट पहुंची।
क्षिप्रा तट पर बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन और आरती की गई। इसके बाद सवारी सतीमाता मंदिर, पटनी बाजार सहित निर्धारित मार्ग से होती हुई वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।
15 हाईटेक ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा
इस बार महासवारी में विशेष आकर्षण 15 हाईटेक ड्रोन से की गई पुष्पवर्षा रही। देश-विदेश से मंगाए गए 50 क्विंटल से अधिक फूलों की बारिश सवारी पर की गई। शहनाई गेट पर गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान हुई पुष्पवर्षा ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया।
इस वर्ष महासवारी की थीम सिंहस्थ महाकुंभ पर आधारित रही। सवारी मार्ग पर एक लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में विशाल रंगोली और लाइव चित्रकला बनाई गई, जिसने पूरे मार्ग को आकर्षक रूप दिया।
बैंड और भजन मंडलियों से भक्तिमय हुआ माहौल
महासवारी में कोयंबटूर से ईशा फाउंडेशन का विशेष बैंड ‘नादयोग’ भी शामिल हुआ। इसके अलावा पांच बड़े बैंड दलों ने प्रस्तुति दी। प्रत्येक दल में 250 से अधिक सदस्य शामिल रहे। वहीं करीब 70 भजन मंडलियों ने झांझ-मंजीरों और भजनों के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
रामघाट पहुंचने पर पालकी में विराजित बाबा महाकाल और गजराज पर सवार श्री मनमहेश का क्षिप्रा तट पर विशेष पूजन हुआ। इसके बाद मां क्षिप्रा की महाआरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य के साक्षी बने।
परंपरा के अनुसार छत्री चौक और श्री गोपाल मंदिर पहुंचने पर सिंधिया स्टेट की ओर से पालकी में विराजित श्री चंद्रमौलेश्वर का विशेष पूजन-अर्चन किया गया।
महासवारी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया
राजसी महासवारी के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन पहुंचे। उन्होंने महासवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। सिंधिया ने कहा कि अंतिम राजसी सवारी में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उन्होंने सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि यह केवल उज्जैन या मध्य प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण आयोजन होगा।
राहुल गांधी के दौरे और अवैध शराब पर भी बोले सिंधिया
राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित उज्जैन दौरे से जुड़े सवाल पर सिंधिया ने कहा कि लोकतंत्र में सभी नेताओं का अपने कार्यक्रमों के लिए आना स्वाभाविक है। उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
वहीं सागर में अवैध शराब से हुई मौतों पर उन्होंने दुख जताया। सिंधिया ने कहा कि अवैध शराब और नशे की गतिविधियां समाज के लिए गंभीर खतरा हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवारों के साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

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