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वन नेशन, वन इलेक्शन से बचेगा समय और संसाधन, युवाओं को आगे आना चाहिए : दाती महाराज

उज्जैन प्रवास पर पहुंचे सिद्ध शक्तिपीठ शनि धाम के पीठाधीश्वर एवं महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज ने देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों में देश के संसाधनों और समय का बड़ा हिस्सा खर्च होता है। ऐसे में युवाओं को इस व्यवस्था के समर्थन में आगे आकर देशहित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी से मिले राहत

दाती महाराज ने कहा कि लगातार होने वाले चुनावों का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। गांव-देहात के शिक्षकों को बार-बार जनगणना, चुनावी ड्यूटी और अन्य सरकारी कार्यों में लगाया जाता है। इससे उनका समय और ऊर्जा शिक्षण कार्य से हट जाती है।

उन्होंने कहा कि यदि वन नेशन, वन इलेक्शन लागू होता है तो शिक्षकों को अपनी मूल जिम्मेदारी यानी बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। जब शिक्षक बेहतर तरीके से बच्चों को शिक्षा दे पाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ी और देश का भविष्य मजबूत होगा।

महाकाल की महासवारी में शामिल हुए दाती महाराज

दाती महाराज ने उज्जैन में बाबा महाकाल की महासवारी में भी सहभागिता की। उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में राष्ट्र की सुख-समृद्धि और वैभव की कामना करते हुए कहा कि देश का अन्नदाता किसान और अधिक मजबूत हो तथा भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

सिंहस्थ 2028 में नहीं भूखा रहेगा कोई श्रद्धालु

वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर भी दाती महाराज ने अपनी योजनाएं साझा कीं। उन्होंने संकल्प लिया कि सिंहस्थ में आने वाला कोई भी श्रद्धालु भूखा नहीं रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे नि:शुल्क विशाल अन्नक्षेत्र संचालित करने के साथ ही नि:शुल्क चिकित्सा सेवाओं की बेहतर व्यवस्था करने की बात कही।

दाती महाराज ने ज्योतिषीय गणनाओं का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2028 का सिंहस्थ अद्भुत होगा और इसकी चर्चा पूरे विश्व में होगी। हालांकि उन्होंने इसके लिए प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत भी बताई।

उज्जैन की बेटियों के उत्थान के लिए करेंगे काम

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, देश बचाओ’ के संकल्प के साथ पिछले 36 वर्षों से कार्य करने का दावा करते हुए दाती महाराज ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के पाली में अब तक 11 हजार से अधिक बेटियों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा दिलाने और उनके विवाह में सहयोग करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अब इसी तर्ज पर उज्जैन की बेटियों के उत्थान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए भी सेवा कार्य किए जाएंगे। उनका उद्देश्य बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

युवा संभालेंगे सनातन और देश की बागडोर

दाती महाराज ने देश के युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत का युवा तेजी से जागरूक, ज्ञानवान और प्रगतिशील हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युवा न केवल सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि देश की बागडोर भी संभालेंगे।

उन्होंने कहा कि आज का युवा किसी के आगे हाथ फैलाने वाला नहीं, बल्कि स्वयं मजबूत बनने और दूसरों को मजबूत करने वाला बन रहा है। यही युवा भारत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शनिदेव कर्मों के अनुसार देते हैं न्याय

शनिदेव से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए दाती महाराज ने कहा कि शनिदेव को केवल भय की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। वे कर्मफलदाता हैं और न्याय करते हैं। उन्होंने कहा कि शनिदेव किसी का अहित नहीं करते, बल्कि सत्कर्म करने वालों को सम्मान और सफलता प्रदान करते हैं।

दाती महाराज ने कहा कि व्यक्ति को शनिदेव पर उंगली उठाने से पहले अपने कर्मों की ओर देखना चाहिए, क्योंकि जीवन में मिलने वाला फल काफी हद तक व्यक्ति के कर्मों पर निर्भर करता है।