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दिल्ली बिल्डिंग हादसा; रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, मलबे से 12 लोग निकाले गए, सात की मौत!

नई दिल्ली। दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संपत्ति के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे वाली संपत्ति कानूनी तौर पर उर्मिला गुप्ता के नाम दर्ज है। हालांकि, इमारत के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी उनके पति हरिराम गुप्ता संभाल रहे थे। हरिराम भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन उनके नाम पर दर्ज थे।

पुलिस के मुताबिक, बेटा महेश गुप्ता भी इमारत के संचालन में अपने पिता की मदद करता था। महेश हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं। पुलिस अब संपत्ति के स्वामित्व, प्रबंधन और वहां रहने वाले लोगों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

पीजी संचालक और ठेकेदार पुलिस के निशाने पर

मालिक परिवार के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अब पीजी संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की तलाश तेज कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत में पीजी संचालन और निर्माण या मरम्मत से जुड़े काम में इनकी क्या भूमिका थी।

अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, मलबे से 12 लोग निकाले गए

इमारत गिरने के बाद मौके पर चलाया गया राहत और बचाव अभियान अब पूरा हो चुका है। बचाव दल ने मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से सात की मौत हो गई।

प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए हैं। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है, वहीं पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इमारत गिरने के पीछे किन परिस्थितियों और लापरवाहियों की भूमिका रही।