मध्य प्रदेश के दमोह जिले के सिंग्रामपुर में शनिवार को आयोजित की गई मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर फैसले हुए। उन्हीं फैसले में एक फैसला प्रदेश की संस्कार राजधानी जबलपुर के लिए भी हुआ। यहां मदन महल इलाके में स्थित 24 एकड़ के पहाड़ पर 100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। म्यूजियम की डिजाइन गौंडवाना वास्तुकला पर आधारित होगी। इस म्यूजियम के बीच एरिया की थीम जबलपुर के बावड़ियों पर बनाई जाएगी।
संग्रहालय में ओपन एयर थिएटर बनाया जाएगा, जिसमें प्रदेश की जनजातियों के जीवनशैली, रहन सहन और वीरता के किस्से-कहानियां दिखाई जाएंगी। लोगों को उनकी जानकारी से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ प्रदेश में उगाने वाले श्रीअन्न जैसे कोदो-कुटकी, रागी आदि को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे श्रीअन्न को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विरासत को जानने के लिए संग्रहालय अच्छा माध्यम होता है। यहां आर्ट गैलेरी के माध्यम से स्थानीय कला और क्राफ्ट को प्रदर्शित किया जा सकता है। इससे टूरिज्म और इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
जल्द होगी घोषणा
इस संबंध में मोहन सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर संपतिया उइके ने बताया कि, गौंडवाना की राजधानी सिंग्रामपुर में रानी दुर्गावती जयंती का आयोजन किया गया है। कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती को समर्पित है। रानी को हम नमन करते हैं। रानी दुर्गावती के संग्रहालय निर्माण में 100 करोड़ राशि खर्च होगी। जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

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