धार्मिक नगरी उज्जैन में आज हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा धूमधाम से मनाया गया। मंगलवार वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर सुबह शिप्रा नदी के रामघाट पर सूर्य को अर्घ्य देकर शहरवासियों ने हिंदू नव वर्ष का स्वागत किया। हर साल चैत्र प्रतिप्रदा तिथि से नया विक्रम संवत शुरू होता है। हिंदू कैलेंडर का नया वर्ष विक्रम संवत 2081 की शुरुआत पर चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि से 9 दिनों तक देवी दुर्गा की उपासना का महापर्व चैत्र की नवरात्रि भी आरंभ हुआ।
प्रति वर्ष गुड़ी पड़वा पर नव वर्ष मनाने की परम्परा उज्जैन में है। अल सुबह 6:30 बजे बंगाली महिलाओं ने शंख बजाकर शिप्रा नदी के रामघाट पर नव वर्ष की शुरुआत की। इस दौरान शहर के गणमान्य नागरिक पण्डे पुजारियों सहित गायत्री परिवार ने भी कलश का पूजन कर सूर्य को अर्घ्य दिया।
शिप्रा नदी के घाट पर 5 लाख दीप प्रज्वलित होंगे-
विक्रमोत्सव के तहत मंगलवार शाम को शिप्रा नदी के रामघाट, दत्तअखाड़ा घाट, नृसिंह घाट, गुरूद्वारा घाट सहित अन्य घाट पर पांच लाख दीपक रौशन कर सृष्टि का आरंभ दिवस मनाया जाएगा। गत वर्ष से उज्जैन नगर का जन्म दिवस भी गुड़ीपड़वा पर गौरव दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है।निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत 5 लाख दीप क्षिप्रा के पावन तट पर प्रज्वलित किए जाएंगे।

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