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सिंहस्थ से पहले हजारों करोड़ के हाईवे निर्माण पर सवाल, देवास-बदनावर के बाद उज्जैन-गरोठ भी धंसने लगा!

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले शहर में हजारों करोड़ रुपए की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। राजस्थान और दिल्ली से उज्जैन की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ हाईवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।

देवास-बदनावर हाईवे को बने अभी करीब तीन साल ही हुए हैं, लेकिन पिछले एक साल से इसके कई हिस्सों में सड़क क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आ रही है। वहीं करीब 2600 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा उज्जैन-गरोठ हाईवे अभी निर्माणाधीन है और लोकार्पण से पहले ही इसके कुछ हिस्सों में सड़क धंसने की शिकायत सामने आई है।

सांसद ने दिल्ली पहुंचकर मंत्री के सामने उठाया मुद्दा

हाईवे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने मोर्चा खोल दिया है। सांसद ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दोनों परियोजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।

सांसद ने मंत्री को बताया कि करीब 1400 करोड़ रुपए की लागत से बने देवास-बदनावर हाईवे को अभी तीन वर्ष ही हुए हैं, लेकिन सड़क पिछले एक साल से लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। वहीं उज्जैन-गरोठ हाईवे का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है और सड़क के धंसने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सांसद ने दोनों हाईवे के निर्माण की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने की मांग रखी।

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के काम चल रहे हैं। ऐसे में हजारों करोड़ की लागत वाली इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों ने निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।