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प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने जीवित बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार!

उज्जैन (खाचरौद)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरौद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। अलग समाज के युवक से प्रेम विवाह करने से नाराज एक परिवार ने अपनी 18 वर्षीय बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर उसे परिवार के लिए “मृत समान” घोषित कर दिया। परिवार ने समाज के लोगों की मौजूदगी में बेटी की तस्वीर का दाह संस्कार किया, पारंपरिक ‘गोरनी’ रस्म निभाई और उससे सभी पारिवारिक व सामाजिक संबंध समाप्त करने की घोषणा की।

परिजनों के अनुसार, युवती पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है और उसकी उम्र करीब 18 वर्ष 2 माह है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी ने अपनी इच्छा से दूसरे समाज के युवक से प्रेम विवाह कर लिया। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार उसे समझाने का प्रयास किया और मामला पुलिस थाने तक भी पहुंचा, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही।

परिवार का यह भी आरोप है कि थाने में युवती ने माता-पिता और अपने दोनों भाइयों को पहचानने से इनकार कर दिया। इस घटना से आहत होकर परिवार ने समाज के सामने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।

कार्यक्रम के दौरान बेटी की तस्वीर को अग्नि देकर अंतिम संस्कार की प्रतीकात्मक रस्म पूरी की गई। इसके बाद समाज की परंपरा के अनुसार ‘गोरनी’ की रस्म निभाई गई, जिसके तहत परिवार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अब बेटी से उनका कोई भी पारिवारिक या सामाजिक संबंध नहीं रहेगा।

इस मौके पर पिता और दोनों भाइयों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने बेटी का लालन-पालन पूरे स्नेह और संघर्ष के साथ किया, लेकिन उसके फैसले के बाद अब उससे सभी रिश्ते समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बेटी का परिवार की संपत्ति और सामाजिक गतिविधियों से भी कोई संबंध नहीं रहेगा।

घटना के बाद क्षेत्र में इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं, कानूनी रूप से बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे मामलों में पारिवारिक और सामाजिक मतभेद अक्सर गंभीर विवाद का रूप ले लेते हैं।