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उज्जैन में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, बीटेक पास युवकों ने बनाया गोल्ड-क्रिप्टो नेटवर्क!

उज्जैन। उज्जैन पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शिक्षित युवकों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बीटेक पास हैं और पिछले तीन वर्षों से क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े हुए थे। अधिक मुनाफे की लालसा में उन्होंने दिल्ली स्थित साइबर अपराधियों के नेटवर्क से हाथ मिला लिया और सोने की खरीदारी के माध्यम से साइबर ठगी की रकम को खपाने का बड़ा खेल शुरू कर दिया।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कशिश बढ़ानी, राहुल उर्फ शानू और अनिमेष उर्फ अनुराग उर्फ अन्नी शामिल हैं। माधवनगर थाना पुलिस ने तीनों को सखीपुरा स्थित होटल हीरा पैलेस से गिरफ्तार किया।

ऐसे खुला पूरा मामला

पुलिस के अनुसार 6 जून को आरोपी अनुराग ने डीपीके गोल्ड शोरूम से लगभग 95 हजार रुपये की छह ग्राम सोने की क्वाइन खरीदी थी। भुगतान क्यूआर कोड के जरिए किया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद शोरूम का बैंक खाता होल्ड हो गया। जांच में सामने आया कि भुगतान की गई राशि साइबर ठगी के जरिए किसी अन्य व्यक्ति के खाते से निकाली गई थी। शिकायत मिलने पर माधवनगर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

ठगी का अनोखा तरीका

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शहर के प्रतिष्ठित ज्वेलर्स के यहां जाकर सोने की खरीदारी करते थे। भुगतान के लिए दुकान का क्यूआर कोड स्कैन कर उसकी जानकारी दिल्ली में बैठे साइबर अपराधियों को भेज दी जाती थी। इसके बाद दिल्ली की तकनीकी टीम किसी व्यक्ति को मोबाइल अपडेट या अन्य बहाने से फर्जी लिंक भेजकर उसका मोबाइल हैक कर लेती थी। मोबाइल रीस्टार्ट होते ही पीड़ित के बैंक खाते से रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। आरोपी सोना लेकर दूसरी दुकानों पर बेच देते थे और प्राप्त नकदी को क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म बायनेन्स पर यूएसडीटी ट्रेडिंग में निवेश कर देते थे।

तीन राज्यों में मिले पीड़ित

पुलिस जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के मामले भी सामने आए हैं। राजस्थान के नागौर निवासी मोहम्मद नासिर से 2.88 लाख रुपये, पंजाब के एसएएस नगर निवासी सुरिंदर सिंह से 95 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी मनोज कुमार से 99 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इन मामलों में ठगी की रकम उज्जैन के ज्वेलर्स के खातों में पहुंचाई गई थी।

दिल्ली तक पहुंचेगी जांच

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पिछले तीन वर्षों से इस नेटवर्क में सक्रिय थे। आशंका है कि देशभर में कई और वारदातों को इसी तरीके से अंजाम दिया गया है। गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए उज्जैन पुलिस की विशेष टीम जल्द ही दिल्ली रवाना होगी।

मोबाइल, फर्जी आईडी और दस्तावेज बरामद

नर्मदापुरम निवासी तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी पहचान पत्र, सोना खरीदने के बिल और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली गैंग से लेकर स्थानीय सहयोगियों तक पूरे नेटवर्क को जांच के दायरे में लिया गया है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।