देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कार्रवाई के दौरान हुए पथराव में छह वनकर्मी घायल हो गए, जबकि सरकारी वाहन और जेसीबी मशीन को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिनवानी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट स्थित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए वन विभाग विशेष अभियान चला रहा था। इसी अभियान के तहत वन विभाग के विभिन्न परिक्षेत्रों का अमला पुलिस बल के साथ भीलआमला गांव के समीप कक्ष क्रमांक-94 में पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई शुरू होते ही कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती गई। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज धांधे तथा वनपाल एवं परिक्षेत्र सहायक के.के. परमार घायल हो गए। वहीं कार्रवाई में उपयोग की जा रही जेसीबी मशीन और शासकीय वाहनों के कांच भी क्षतिग्रस्त हो गए।
घायलों को तत्काल कमलापुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए चापड़ा के आरआर अस्पताल और जिला चिकित्सालय देवास रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
प्रशासन का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

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