मध्य प्रदेश के सतना जिले के छोटे से गांव बम्हौरी के रहने वाले दिव्यांग क्रिकेटर मिथिलेश सिंह ने अपने संघर्ष, मेहनत और जज्बे के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित केसरी दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 की इंडिया ए एवं इंडिया बी सीरीज के लिए किया गया है। यह प्रतियोगिता 13 से 15 जून तक यमुनानगर में आयोजित होगी।
दिव्यांगता को नहीं बनने दिया कमजोरी
मिथिलेश बचपन से ही पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को जीवित रखा और लगातार अभ्यास के जरिए खुद को निखारते रहे।
गांव के साधारण माहौल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचना उनके संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल माना जा रहा है।
दुनिया में नाम रोशन करने का सपना
मिथिलेश का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है और वे कम आय में परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनका सपना अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे उन्हें बेहतर अवसर और सहयोग मिलेगा, जिससे वे अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें और परिवार की जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से निभा सकें।
मेहनत और प्रदर्शन ने दिलाया मौका
पिछले दो वर्षों में मिथिलेश ने दिव्यांग क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। शानदार बल्लेबाजी, उपयोगी गेंदबाजी और मैदान पर अनुशासित प्रदर्शन के चलते उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। लगातार मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने का सपना साकार किया है।
कोच ने बताया प्रतिभाशाली खिलाड़ी
दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन मध्यप्रदेश के कोच अंकित शर्मा ने मिथिलेश के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वे बेहद मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मिथिलेश ने कभी हार नहीं मानी और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
कोच का मानना है कि यदि उन्हें उचित अवसर और सहयोग मिलता रहा तो वे आने वाले समय में सतना, मध्य प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
मिथिलेश सिंह की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।

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