ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में दो दिन से लापता पुलिस आरक्षक का शव मिलने से पुलिस विभाग और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार को आरक्षक का शव शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास जंगल क्षेत्र में खून से लथपथ अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पहचान 36 वर्षीय अंकित तोमर के रूप में हुई है, जो डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ थे। मूल रूप से मुरैना जिले के अम्बाह-पोरसा क्षेत्र के निवासी अंकित वर्तमान में ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि वह विभागीय डाक पहुंचाने के लिए अपने गृह क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में ही उनका संपर्क परिवार और सहकर्मियों से टूट गया।
परिजनों के अनुसार, अंकित को उनके भांजे ने बस स्टैंड तक छोड़ा था। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचे। लगातार संपर्क न होने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को भी सूचना दी गई थी।
जंगल में मिले शव की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक आरक्षक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। उनका बायां टखना बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और घटनास्थल पर खून के निशान भी पाए गए। ऐसे में पुलिस हत्या और सड़क दुर्घटना दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मामले में जानकारी देते हुए Amar Singh Sikarwar ने बताया कि अंकित तोमर की वर्ष 2018 में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। वह डाक ड्यूटी के सिलसिले में अम्बाह क्षेत्र गए थे, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चल पाया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरक्षक अविवाहित थे और ग्वालियर में अकेले रहते थे।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके।

More Stories
इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग, 20 लोगों को सुरक्षित निकाला गया!
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ओंकारेश्वर दौरा प्रस्तावित, 36 साल बाद बनेगा ऐतिहासिक रिकॉर्ड!
रायसेन में भीषण सड़क हादसा: दो यात्री बसों की आमने-सामने टक्कर, 5 की मौत, कई घायल!