मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले में सत्ताधारी भाजपा के युवा मोर्चा संगठन के जिलाध्यक्ष भास्कर मागरदे को आदिवासियो ने बुरी तरह से दौड़ा दौड़ा कर पीटा। ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष को बचाने पहुंचे मासोद पुलिस चौकी प्रभारी को भी पीट डाला। मासोद पुलिस चौकी प्रभारी की रिर्पोट पर पुलिस ने 32 ग्रामीणों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
आदिवासियों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज होने की खबर के बाद कांग्रेस और जयस के साथ अन्य संगठनों ने प्रभात पटट्न पहुंचने लगे है। घटना के बारे में बताया जाता है कि बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र ग्राम खेड़ीरामोसी में जमीन सीमांकन के दौरान बीते मंगलवार को विवाद हुआ था। घटना में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष भास्कर मगरदे और मासोद चौकी प्रभारी रणधीर सिंह राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाजयुमो जिला अध्यक्ष भास्कर मगरदे को दौड़ा – दौड़ा कर जमीन पर गिराकर मारपीट करते हुए ग्रामीण दिखाई दे रहे है। भास्कर मगरदे को बचाने आए चौकी प्रभारी राजपूत को भी ग्रामीणों की भीड़ ने खींच लिया और उनकी भी धुलाई कर दी। तथाकथित सीमांकन में गए पुलिसकर्मी हेलमेट सहित सुरक्षा किट पहनकर नहीं गए थे, जिससे हमले में उन्हें चोटें आईं।
राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन लेकर सीमांकन कार्य के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद आदिवासी परिवारों के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में राजपूत और भास्कर मगरदे के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के समय मुलताई थाने से करीब आठ पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन अचानक हुए हमले के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और टीम को वहां से हटना पड़ा।

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