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भोपाल की अंजनी मिश्रा ने पहले ही प्रयास में क्रैक की UPSC परीक्षा

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा-2025 का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया. इस साल परीक्षा में देशभर के अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया.  मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों ने भी इस परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. टॉप-10 में प्रदेश के दो अभ्यर्थियों ने जगह बनाई है.

भोपाल के ईशान ने देशभर में 5वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है. वहीं धार के प्रच्छल ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 8वीं रैंक प्राप्त की और टॉप-10 में अपनी जगह बनाई. इसके अलावा अशोकनगर के चितवन जैन ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए 17वीं रैंक प्राप्त की है. इन अभ्यर्थियों की सफलता से प्रदेश में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं.

वहीं राजधानी भोपाल की रहने वाली अंजनी मिश्रा ने भी सफलता हासिल करते हुए 274वीं रैंक प्राप्त की है. खास बात यह है कि अंजनी ने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर ली. 25 वर्षीय अंजनी मिश्रा पहले मुंबई की एक इंटरनेशनल कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में कार्यरत थीं. करीब डेढ़ साल नौकरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी का फैसला किया और पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई में जुट गईं.

पिता लोकायुक्त में ACP के पद पर तैनात

अंजनी के पिता लोकायुक्त कार्यालय में ACP पद पर पदस्थ हैं. पिता को सरकारी सेवा में काम करते देख अंजनी के मन में भी प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना जागा और उन्होंने उसी लक्ष्य को लेकर तैयारी शुरू की. UPSC की तैयारी के दौरान अंजनी ने करीब दो साल तक पूरी तरह पढ़ाई पर फोकस किया.

रोजाना 16 घंटे पढ़ाई करती थीं अंजनी

वह रोजाना लगभग 16 घंटे पढ़ाई करती थीं. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी और दोस्तों से भी बहुत कम मिलती थीं. यहां तक कि किसी पारिवारिक कार्यक्रम या शादी में जाना पड़ता था तो वह अपने साथ किताबें लेकर जाती थीं और थोड़ी देर में वापस लौटकर फिर पढ़ाई में लग जाती थीं. अंजनी मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और भगवान को दिया है.

बड़े भाई ने किया मार्गदर्शन

अंजनी मिश्रा ने बताया कि परिवार का उन्हें भरपूर सहयोग मिला. खासतौर पर उनके बड़े भाई अनु मिश्रा ने उन्हें तैयारी के दौरान मार्गदर्शन दिया. अंजनी बताती हैं कि वह पहले से CA थीं, लेकिन उनके बड़े भाई ने पहले UPSC की तैयारी की थी. वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर रहे थे. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन उनकी तैयारी और संघर्ष को देखकर ही अंजनी को सिविल सेवा की तैयारी करने की प्रेरणा मिली.