उज्जैन; चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद मंगलवार शाम श्री महाकालेश्वर मंदिर में पारंपरिक रीति से शुद्धिकरण किया गया। मंदिर के पुजारियों ने पवित्र नदियों के जल से नंदी हाल, गर्भगृह, शिखर और पूरे परिसर को धोकर शुद्ध किया। इसके बाद विधिवत पूजन-अर्चन कर विशेष आरती संपन्न हुई।
चंद्रग्रहण के दौरान देशभर के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद रहे, लेकिन कालों के काल भगवान महाकाल के मंदिर के कपाट बंद नहीं किए गए। श्रद्धालुओं को दर्शन से नहीं रोका गया। हालांकि सूतक काल के कारण भोग अर्पित करने और भगवान के स्पर्श पर प्रतिबंध रखा गया।

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