मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है, जब पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party ने इस पूरे मुद्दे को कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों का संकेत बताया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह विवाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और नेतृत्व को लेकर असंतोष को उजागर करता है।
बीजेपी विधायक Rameshwar Sharma ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस में अगली पीढ़ी की लड़ाई चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हो रही है और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अंदरूनी संघर्ष सामने आ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में एससी वर्ग के सम्मान को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पलटवार किया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री PC Sharma ने कहा कि Digvijaya Singh और पीसीसी चीफ Jitu Patwari के बीच संवाद को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे “सियासी केमिस्ट्री” बताते हुए कहा कि यह संगठनात्मक समन्वय का हिस्सा है, न कि कोई आंतरिक विवाद।
पीसी शर्मा ने आगे कहा कि Jitu Patwari सक्रिय और मजबूत नेतृत्व दे रहे हैं, और पार्टी में संवाद व बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है, जहां दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे हैं।

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