मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंद्रग्रहण से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपत्नीक पूजन-अर्चन के बाद होलिका प्रज्ज्वलित की गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए गौ-काष्ठ का उपयोग किया गया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी सीमा यादव और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने निवास कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को होली की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद स्वरूप गुझिया वितरित की। बता दें सोमवार को होलिका दहन के बाद तीन मार्च को चंद्रगहण होने के चलते चार मार्च को रंगोंउत्सव मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रंगों के इस पर्व की बधाई देते हुए कहा कि होली आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मतभेद भुलाकर होलिका दहन से लेकर रंगपंचमी तक उल्लास और सौहार्द के साथ पर्व मनाएं। प्रदेश में होलिका दहन के साथ पांच दिवसीय रंगोत्सव की शुरुआत हो गई है। तिथियों को लेकर अलग-अलग स्थानों पर 2 और 3 मार्च की रात होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 4 मार्च को धुलेंडी पर रंगों के साथ होली मनाई जाएगी। पर्व के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और श्री हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई।

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