छतरपुर जिला जेल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में आरोप लगाए गए हैं कि जेल में बंद कैदियों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के नाम पर उनके परिजनों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं।
वीडियो में दावा किया गया है कि जेल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और कैंटीन से जुड़े लोग कथित तौर पर एक तय रेट लिस्ट के अनुसार कैदियों तक सामान पहुंचाने के बदले मनमानी रकम वसूल रहे हैं।
कैंटीन संचालन पर भी सवाल
वीडियो में यह आरोप भी सामने आया है कि जेल कैंटीन पर बैठी पुष्पा अहिरवार, जेलर दिलीप सिंह जाटव की एजेंट के रूप में काम कर रही है। वीडियो में बातचीत के दौरान कथित तौर पर जेल के अंदर सामान भेजने की दरों का खुलासा किया जा रहा है और अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग कीमतें बताई जा रही हैं।
लगे ये गंभीर आरोप
वायरल वीडियो में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि, नए कैदियों से 5 हजार रुपये तक की वसूली की जाती है, ताकि उनसे झाड़ू-पोछा और शौचालय से जुड़े काम न करवाए जाएं। राजश्री गुटखा या बीड़ी का एक बंडल 250 रुपये तक में बेचे जाने का आरोप है। जेल कैंटीन में मिलने वाला सामान एमआरपी से लगभग 50 प्रतिशत अधिक कीमत पर दिया जा रहा है। नामी या शासकीय कर्मचारी वर्ग से जुड़े कैदियों से 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की वसूली किए जाने की बात कही गई है।
न देने पर मारपीट के आरोप
वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि यदि कैदी या उनके परिजन पैसे देने से इनकार करते हैं, तो अन्य कैदियों के माध्यम से उनके साथ मारपीट करवाई जाती है। इसके अलावा कुछ वर्ग विशेष के कैदियों के साथ जेल प्रशासन द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और जेल विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या कोई जांच शुरू की जाती है।

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