सोशल मीडिया में रील बनाने का बुखार अब लोगों पर बढ़ता जा रहा है। आम इंसान से लेकर पुलिसकर्मी भी आए दिन सोशल मीडिया में रील पोस्ट करते हुए नजर आते है। वर्दी पहनकर ड्यूटी करने की जगह पुलिसकर्मी व्यूज, लाइक और कमेंट के चक्कर में कही भी रील बनाना शुरू कर देते है। जिसको देखते हुए एमपी के डीजीपी कैलाश मकवाना ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को सख्ती से रील पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
अंकिता मिश्रा की रील सामने आने के बाद निर्देश जारी
गौरतलब है कि रीवा जिले की सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का एक गाने पर थाने में बनाई गई रील सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इसके बाद डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पुलिस अधिकारियों की वर्चुअल बैठक में इस पर सख्ती से रोक लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को अनुशासन में रहना चाहिए। कम से कम वर्दी में रहते हुए रील नहीं बनाएं। सभी पुलिस अधीक्षकों को इसके लिए निर्देश जारी करने को कहा है।
वर्दी वाली सेवाओं में अनुशासनहीनता
दरअसल, पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी में रील बनाकर इंटरनेट मीडिया में प्रसारित करने का चलन बढ़ता जा रहा है। वर्दी में उन्हें व्यूज, लाइक और कमेंट भी खूब मिलते हैं, पर सरकारी कर्मचारी खासतौर पर वर्दी वाली सेवाओं में इसे अनुशासनहीनता माना जाता है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में वर्दी में रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। प्रतिबंध भी लगाया जा चुका है। पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त थानों में अन्य लोगों की रील भी प्रदेश में सामने आ चुकी है, जो सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं हैं। श्योपुर के ओछापुर थाने में काम करने आए युवकों ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डाला था।

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