सीएम मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोनों ही बुधवार को अचानक से गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंच गए। मुलाकात को दोनों ने ही सोशल मीडिया पर ऑफिशियल कार्यों के लिए मिलना बताया।
गृह मंत्रालय में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सीएम ने कहा- मप्र में सहकारिता के क्षेत्र में काफी काम की गुंजाइश है। पशुपालन और दूध उत्पादन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से सहकारिता के लिए बड़ा स्कोप है। फूड इंडस्ट्री में दुग्ध इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कल की नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ राज्य सरकार ने एमओयू किया है। इससे मप्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए एमओयू हुआ है। इसमें भारत सरकार लगातार मदद करेगी। इसके माध्यम से 11 हजार गांवों में किसानों को दूध् की उचित कीमत मिलेगी। अमित शाह जी ने कहा है कि आगे चलकर पूरे प्रदेश में काम करने की आवश्यकता है। इन्वेस्टर्स समिट के बारे में अवगत कराया है। इसके माध्यम से रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के साथ ही ये मप्र की आर्थिक दशा में बदलाव आएगा।
सीएम ने कहा- मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के बाद दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है। प्रदेश में प्रतिदिन साढ़े पांच करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। जहां देश में प्रति व्यक्ति 459 ग्राम दूध प्रतिदिन की उपलब्धता है वहीं मध्यप्रदेश में यह 644 ग्राम है। अगले पांच वर्ष में प्रदेश का दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके लिए सहकारी आन्दोलन को मजबूत करने और किसानों एवं पशुपालकों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य होगा। प्रदेश के करीब चालीस हजार ग्रामों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किये जायेंगे। वर्तमान में 10 से 15 हजार ग्रामों में दुग्ध उत्पादन की स्थिति संतोषजनक है। शेष ग्रामों में विभिन्न उपायों से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे।

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