पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में ट्रेनी महिला चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज वारदात का विरोध गुना में भी देखने को मिला। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मध्यप्रदेश मेडीकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के आव्हान पर गुना जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने की वजह से नियमित चिकित्सा सेवाएं ठप रहीं।
कोलकाता घटना का विरोध कर रहे चिकित्सकों ने शनिवार सुबह 6 बजे ही अधिकारिक तौर पर कामकाज बंद कर दिया था। दोनों ही प्रमुख संगठनों के आव्हान पर हड़ताल की म्याद 24 घंटे की रही है और 18 अगस्त की सुबह 6 बजे तक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस दौरान हड़ताल कर रहे चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर विरोध जताया और इस घटना को निर्भया कांड से जोड़ते हुए चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की।
घटना के विरोध में महिला चिकित्सकों का आक्रोश चरम पर था। उन्होंने चिकित्सकों के साथ बढ़ती घटनाओं के विरोध में स्थानीय सरकार, प्रशासन और आमजन के रवैये पर भी चिंता जताई और चिकित्सकों को अपनी सुरक्षित करने के लिए हथियार स्वीकृत कराने की तक की बात कह डाली। प्रदर्शन में गुना जिले के कई पूर्व चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक, सेवानिवृत्त डॉक्टर भी शामिल हुए। प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकों की ओर से प्रदर्शन की म्याद बढऩे का संकेत भी दिया गया है।
बताया जा रहा है कि अगर आईएमए उचित समझता है तो हड़ताल की अवधि 24 घंटों से ज्यादा बढ़ाई जा सकती है। चिकित्सकों ने बताया कि उनका उद्देश्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और सरकार से आश्वासन लेना है कि भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। तब तक चिकित्सक लगातार विरोध और प्रदर्शन जारी रखेंगे ताकि कोलकाता जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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