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लाल किले पर शान से लहराया तिरंगा, पीएम मोदी ने देश को दिया आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संदेश

देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। तिरंगा फहराए जाने के दौरान पूरा लाल किला राष्ट्रगान और देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। समारोह में पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी विशेष आकर्षण रहा।

तिरंगा फहराने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और शहीदों को नमन किया तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले किसानों, जवानों, वैज्ञानिकों, युवाओं और आम नागरिकों का उल्लेख किया।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर होकर नहीं जीना है और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा स्वयं करनी होगी। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता बताया और देश की अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे प्रयासों को और गति देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने को भविष्य की प्राथमिकताओं से जोड़ा।

अगले पांच वर्षों का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने लाल किले से अगले पांच वर्षों के लिए देश के सामने विकास का लक्ष्य भी रखा। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में देश में हुए बदलावों और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अब छोटे सपनों तक सीमित नहीं रहना है। देश को बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।

युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर

इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘युवा शक्ति’ को विशेष महत्व दिया गया। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को निर्णायक बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और देश की विकास यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से राष्ट्रीय जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की। उन्होंने कहा कि युवा देश की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अपना योगदान दें।

‘वंदे मातरम्’ ने बढ़ाया समारोह का गौरव

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक ऐतिहासिक पहलू यह भी रहा कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन कराया गया। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है। इसके चलते इस वर्ष के समारोह में वंदे मातरम् को विशेष स्थान दिया गया।

विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, तकनीक, युवा शक्ति, नवाचार और राष्ट्रीय हितों को भारत की भविष्य की विकास यात्रा के प्रमुख आधारों के रूप में सामने रखा।

लाल किले की प्राचीर से तिरंगे के नीचे प्रधानमंत्री का संदेश यही रहा कि आजादी केवल गौरव का पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर भी है। देश अब आत्मनिर्भर, मजबूत और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ने की तैयारी में है।