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महाकाल की नगरी बनेगी ‘सर्प मित्र नगर’, देश का सबसे बड़ा स्नेक पार्क देगा संरक्षण और जागरूकता का संदेश!

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन अब “सर्प मित्र नगर” के रूप में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को निर्माणाधीन स्नेक पार्क का निरीक्षण किया और इसे केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सांपों के संरक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन और जन-जागरूकता का राष्ट्रीय केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह पार्क लोगों में सांपों के प्रति फैले भय और भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ प्रकृति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी समझाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश मामलों में सांप निकलने की सूचना सबसे पहले पुलिस के पास पहुंचती है। ऐसे में प्रत्येक थाना क्षेत्र से कम से कम दो पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों को सांपों की पहचान, सुरक्षित रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में न तो सांप को नुकसान पहुंचे और न ही आमजन की सुरक्षा प्रभावित हो।

स्नेक पार्क के डायरेक्टर डॉ. मुकेश इंगले ने बताया कि पार्क में 21 प्रजातियों के सांपों सहित कई दुर्लभ रेप्टाइल्स एक ही परिसर में देखने को मिलेंगे। यहां आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जा रहा है, जहां बच्चों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को सांपों के महत्व, उनकी प्रजातियों और पर्यावरणीय भूमिका की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा रेस्क्यू सेंटर, क्वारंटीन सेंटर और अत्याधुनिक वेटनरी सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं, जहां घायल या रेस्क्यू किए गए सांपों का उपचार और संरक्षण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब तक चार जिलों में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों, होमगार्ड जवानों, स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों और स्नेक रेस्क्यूर्स को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी से पूरे देश और दुनिया को यह संदेश जाना चाहिए कि “न सांप को मारें और न ही सांप किसी इंसान को नुकसान पहुंचाए।” उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उज्जैन को “सर्प मित्र नगर” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वन्यजीव संरक्षण, जनभागीदारी और वैज्ञानिक जागरूकता का अनूठा मॉडल स्थापित होगा।