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गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन को विकास की बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री ने 587 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

उज्जैन। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृह नगर उज्जैन में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए शिक्षा, धर्म और अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने करीब 587 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और अपनी लिखी पुस्तक “भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि” को महर्षि सांदीपनि के चरणों में समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले देवास रोड स्थित लगभग 34 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नए गीता भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद राज्य स्तरीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं महर्षि सांदीपनि अलंकरण समारोह में शामिल होकर प्रदेश के 17 जिलों से आए करीब एक हजार नव चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणाएं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को एक लाख रुपए तथा संबंधित विद्यालय को पांच लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के आठ जिलों में ‘मिशन बुनियाद’ शुरू किया जाएगा, जिसके तहत शुरुआती चरण में 500 स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

587 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 587 करोड़ रुपए की लागत वाली नौ विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और महर्षि सांदीपनि आश्रम के कायाकल्प कार्य, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में 5 करोड़ रुपए की लागत से सोलर सिस्टम की स्थापना, प्रदेश में 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना सहित कई अन्य विकास कार्य शामिल हैं।

‘श्रीकृष्ण-सुदामा नगरी’ का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री ने विक्रम नगर क्षेत्र में लगभग 550 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाली आवासीय योजना ‘श्रीकृष्ण-सुदामा नगरी’ का भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। काल भैरव मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “भगवान काल भैरव भी सील टूटी शराब की बोतल का प्रसाद स्वीकार नहीं करते।”

पुस्तक महर्षि सांदीपनि को समर्पित

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी लिखित पुस्तक “भारतीय गुरु परंपरा के शिल्पी महर्षि सांदीपनि” को महर्षि सांदीपनि के चरणों में समर्पित किया। यह पुस्तक मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा प्रकाशित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, सुरक्षा, संस्कृति और अधोसंरचना के क्षेत्र में समान गति से कार्य कर रही है तथा आधुनिक तकनीक और भारतीय परंपरा के समन्वय से मध्यप्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।