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नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में उज्जैन में महापड़ाव जारी, पांच सूत्रीय मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी!

उज्जैन। राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की गूंज अब मध्य प्रदेश के उज्जैन तक पहुंच गई है। शहर के टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के नीचे भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले चार दिनों से महापड़ाव जारी है। प्रदर्शनकारी बारिश के बीच भी डटे हुए हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

धरना स्थल पर जुटे लोगों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पांच प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

युवा छात्र संघर्ष समिति और आंदोलन में शामिल संगठनों ने अपनी पांच प्रमुख मांगें सामने रखी हैं—

  • छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
  • नीट सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की समयबद्ध जांच।
  • छात्रों पर बल प्रयोग के लिए जवाबदेही तय की जाए।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
  • भविष्य में निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

25 जुलाई को कलेक्टर कार्यालय तक मार्च

आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि 25 जुलाई को टॉवर चौक से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा।

संगठनों का बयान

आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील अस्तेय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर युवाओं में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

आम नागरिक भी हुए शामिल

धरना स्थल पर केवल सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी पहुंच रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल कमलेश मरमट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना देश के युवाओं के भविष्य के लिए आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी सुधार नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों का भरोसा भी परीक्षा व्यवस्था से उठ सकता है।

फिलहाल टॉवर चौक पर धरना जारी है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।