लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली गुरुवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा महाकाल की अलौकिक भस्म आरती में श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया। करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने आरती के दर्शन किए और पूरे समय सिर पर दुपट्टा ओढ़े भक्ति में लीन नजर आईं।
जलाभिषेक कर लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद
भस्म आरती के पश्चात रूपाली गांगुली ने गर्भगृह में भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के बाद उन्होंने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा, “मैं आज जो भी हूं, वह बाबा महाकाल की कृपा से हूं। जब भी मन अशांत होता है, मैं महाकाल की शरण में चली आती हूं। भस्म आरती का अनुभव शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।”
हर दो महीने में दर्शन का करती हैं प्रयास
रूपाली ने बताया कि वह वर्ष 2020 में पहली बार महाकालेश्वर मंदिर आई थीं। तब से वह नियमित रूप से दर्शन करने का प्रयास करती हैं और लगभग हर दो महीने में उज्जैन आने की कोशिश करती हैं। इससे पहले वह जनवरी 2024, जनवरी 2025 और कुछ महीने पहले भी बाबा महाकाल के दर्शन कर चुकी हैं।
‘अनुपमा’ से घर-घर में बनाई पहचान
कोलकाता में जन्मीं रूपाली गांगुली ने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उनके पिता अनिल गांगुली हिंदी सिनेमा के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक रहे हैं। रूपाली को टीवी धारावाहिक ‘अनुपमा’ से देशभर में अपार लोकप्रियता मिली। इसके अलावा कॉमेडी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में निभाया गया उनका ‘मोनिशा’ का किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
रूपाली गांगुली की महाकाल मंदिर यात्रा ने एक बार फिर उनकी गहरी धार्मिक आस्था को उजागर किया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

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