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बड़नगर विस्फोट कांड: वायरल वीडियो के बाद हरकत में जांच एजेंसियां, एटीएस ने संभाली कमान!

उज्जैन। बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई मैजिक वैन में हुए विस्फोट का मामला अब गंभीर जांच के दायरे में आ गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस, खुफिया एजेंसियों और विशेष जांच दलों ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है।

घटना के 24 घंटे के भीतर ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और बम निरोधक दस्ते की टीमें जांच में जुट गईं। शुक्रवार सुबह उज्जैन से पहुंची विशेषज्ञ टीमों ने बड़नगर थाने में जब्त मैजिक वाहन का निरीक्षण किया और उससे जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।

विस्फोटक अवशेषों की जांच

फोरेंसिक टीम ने वाहन से जले हुए पटाखों के अवशेष, वायरिंग और अन्य सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट किस प्रकार और किन सामग्रियों से किया गया था।

जांच एजेंसियां वाहन पर लिखे गए “ले फिर आ गए” संदेश और जुलूस के दौरान प्रदर्शित कुछ तख्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं। खुफिया एजेंसियों ने मामले को संवेदनशील मानते हुए संबंधित लोगों के पुराने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।

आरोपियों का दावा- पटाखों से किया गया विस्फोट

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अडान अखाड़े के बैनर तले निकाले गए जुलूस में शामिल लोगों ने ही मैजिक वाहन को क्रेन से लटकाया था। पुलिस को आरोपियों की ओर से लगभग 8 हजार रुपये के पटाखों की खरीद का बिल भी सौंपा गया है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।

जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि विस्फोट के समय दो युवक वाहन के भीतर मौजूद थे और विस्फोट के बाद झंडे लहराते हुए दिखाई दिए। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की भूमिका और उद्देश्य को समझने का प्रयास कर रही है।

क्रेन संचालक ने किया बड़ा खुलासा

घटना में इस्तेमाल की गई क्रेन के संचालक गोपाल राठौर ने बताया कि उनसे केवल मोहर्रम जुलूस के दौरान पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर ली गई थी। तय किराये पर चालक सहित क्रेन भेजी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद आयोजकों ने मैजिक वाहन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें इस योजना की कोई जानकारी नहीं थी।

कई सवालों के घेरे में घटना

भीड़भाड़ वाले जुलूस में इस तरह के विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल प्रदर्शन का हिस्सा था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था।

फिलहाल पुलिस, एटीएस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त जांच जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।