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उज्जैन; निर्माण स्थल पर दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की मौत!

उज्जैन। महाकाल थाना क्षेत्र के ग्राम गोंसा में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने मजदूर परिवार की खुशियां छीन लीं। निर्माणाधीन भवन के पास खेल रही तीन वर्षीय मासूम वंशिका ट्रैक्टर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के ग्राम सेबरीमाल भड़लिया निवासी प्यारेसिंह अपनी पत्नी के साथ ग्राम गोंसा में निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। गुरुवार शाम दोनों काम में व्यस्त थे, जबकि उनकी बेटी वंशिका पास में खेल रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक निर्माण कार्य में मिट्टी और गिट्टी ढो रहा ट्रैक्टर चालक वाहन को रिवर्स कर रहा था। इसी दौरान उसने पीछे मौजूद मासूम को नहीं देखा और ट्रैक्टर का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

परिजन और अन्य मजदूर तत्काल बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार सिर और सीने में गंभीर चोटें आने तथा अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल

इकलौती बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता प्यारेसिंह सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि परिवार रोजी-रोटी की तलाश में दो माह पहले यहां आया था और कभी कल्पना नहीं की थी कि काम की तलाश उन्हें इतनी बड़ी त्रासदी दे जाएगी।

चालक फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश

घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर महाकाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु कारित करने का मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ट्रैक्टर मालिक की पहचान कर ली गई है और चालक की तलाश के लिए ठेकेदार व मजदूरों से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है।

पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार

शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार बेटी के पार्थिव शरीर को लेकर अपने पैतृक गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

यह हादसा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भारी वाहनों के संचालन में बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।