इंदौर: वंदे मातरम में गैरमौजूद रहने को लेकर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर पार्षद ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी है। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा कि बजट सम्मेलन में उनके दो महत्वपूर्ण प्रश्न थे। एक सवाल गंदे पानी की समस्या से जुड़ा था और दूसरा बावड़ी कांड से संबंधित था। उन्होंने कहा कि वे अपना सवाल पूछ रही थीं, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
गंदे पानी से मौतों का मुद्दा उठाने की बात
उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण मौतें हुई हैं और उनका सवाल शहरहित से जुड़ा हुआ था। लेकिन उन्हें यह कहकर रोका गया कि वे वंदे मातरम के दौरान सदन में मौजूद नहीं थीं, इसलिए उन्हें पहले इसे गाना होगा। फौजिया शेख अलीम ने कहा कि वे चार बार की पार्षद हैं और अलग-अलग परिषदों में उन्हें 20 साल का अनुभव है। उन्होंने दावा किया कि वे हमेशा समय पर सदन में पहुंचती रही हैं।

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