जाति प्रमाण पत्र मामले की जांच पूरी नहीं करने पर कोर्ट की अवमानना में हाई कोर्ट ने भाजपा पार्षद कमलेश कालरा, प्रमुख सचिव (पिछड़ा और अल्पसंख्यक विभाग), कमिश्नर (पिछड़ा और अल्पसंख्यक विभाग) और एसडीएम जूनी इंदौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
मामले में याचिका वार्ड 65 से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सुनील यादव की ओर से दायर की गई है। इसमें हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मनीष यादव और करण बैरागी ने तर्क दिया कि कोर्ट के आदेश के छह माह बाद भी पार्षद कालरा के जाति प्रमाण पत्र की जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है।
पार्षद कालरा पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़ने का आरोप है। मामले की जांच लंबे समय से छानबीन समिति कर रही है। आरोप है कि सारे तथ्य सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी
फरवरी 2024 में कोर्ट ने समिति को छह माह में अनिवार्य रूप से जांच पूरी करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई। आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में निर्णय नहीं लिया गया। इस पर कोर्ट ने 5 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।

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