उज्जैन पुलिस ने चार एडवाइजरी कॉल सेंटर पर दबिश देकर 130 युवक-युवतियों और दो संचालकों को पकड़ा। 6 लोग पार्टनरशिप में ऑफिस चला रहे थे। टेलीकॉलर युवक-युवतियां शेयर में इन्वेस्टमेंट के नाम पर डीमेट अकाउंट खुलवाकर लोगों को ठग रहे थे।
30 प्रतिशत कमीशन वसूलते थे
शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर टेलीकॉलर लोगों से फर्जी ऐप के जरिए डीमेट अकाउंट खुलवाते थे। फर्जी अकाउंट को मैनेज कर इन्वेस्टर्स को धोखे में रखा जाता और नुकसान होने पर उसकी पूरी रकम हड़प ली जाती। कई बार इन्वेस्टर्स पहले से खुले डीमेट अकाउंट पर ट्रांजेक्शन करता था तो यह पहले ही 30 प्रतिशत कमीशन लेकर किसी भी शेयर में इन्वेस्ट करवा देते थे। यह खेल शहर में लंबे समय से चल रहा था। चौंकाने वाली बात यह कि इन पर अब तक पुलिस की नजर नहीं पड़ी थी।
150 मोबाइल, 25 लैपटॉप
पुलिस ने 150 मोबाइल, 25 लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, डीमेट अकाउंट और इन्वेस्ट करने वालों के मोबाइल नंबर की लिस्ट मिली है। किसी के पास सेबी का लाइसेंस नहीं मिला। यहां पुलिस के हाथ खातों में लाखों के ट्रांजेक्शन भी लगे हैं।

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