इंदौर में फैमिली कोर्ट का एक आदेश चर्चा का विषय बन गया है। इसमें कोर्ट ने आदेश दिया है कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली पत्नी अपने 12वीं पास पति को हर महीने गुजारा भत्ता देगी। माना जा रहा है कि यह देश में पहला इस तरह का मामला है, जिसमें कोर्ट ने पत्नी को पति को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
क्या है मामला
23 साल के राजेश (बदला हुआ नाम) और 22 साल की चांदनी (बदला हुआ नाम) का केस इंदौर फैमिली कोर्ट में चल रहा था. कॉमन फ्रैंड के जरिए राजेश और चांदनी की पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। राजेश के मुताबिक चांदनी उसे पसंद करने लगी थी इसलिए उसने ही प्रपोज किया।
राजेश उससे शादी नहीं करना चाहता था लेकिन चांदनी ने धमकी दी कि अगर शादी नहीं की तो वह जान दे देगी। इस दबाव में आकर राजेश ने चांदनी के साथ साल 2021 में आर्य मंदिर में शादी कर ली। राजेश की शादी से उसके परिवार वाले खुश नहीं थे और वो भी घुट-घुटकर चांदनी के साथ रह रहा था। चांदनी से परेशान राजेश एक दिन उसे छोड़कर भाग गया और अपने परिजन को पूरी बात बताई। इसके बाद राजेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कोर्ट में भरण पोषण के लिए केस भी दायर किया।
कैसे पकड़ाया पत्नी का झूठ
राजेश के केस दर्ज करवाने के बाद चांदनी ने भी राजेश पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया। कोर्ट में चांदनी ने बताया कि वो कामकाजी नहीं है। उसने राजेश से भरण पोषण की भी मांग की। राजेश ने कोर्ट को बताया कि वो 12 वीं पास है और चांदनी की वजह से उसकी पढ़ाई छूट गई। वो उसे बहुत प्रताड़ित करती थी इसलिए वो घर से भाग गया।
राजेश ने कोर्ट को बताया कि जब पत्नी चांदनी ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई तब उसने पुलिस को बताया था कि वो ब्यूटी पार्लर चलाती है। इससे चांदनी का झूठ पकड़ा गया। इसके बाद कोर्ट ने पत्नी चांदनी को आदेश दिया कि वो हर महीने पांच हजार रुपए भरण पोषण अपने पति राजेश को देगी।

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