चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक अक्टूबर को भोपाल आ रहे हैं। यहाँ वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात में उनका फोकस डैमेज कंट्रोल का रहने वाला है। अब तक पार्टी ने तीन विधायकों के टिकट काटे हैं। सीधी में केदारनाथ शुक्ला, नरसिंहपुर में जालम सिंह और मैहर से नारायण त्रिपाठी को टिकट नहीं दिया गया है। इनमें से शुक्ला और त्रिपाठी ने खुलकर पार्टी के फैसले का विरोध किया है।
भाजपा ने जालम सिंह के भाई केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को उम्मीदवार बनाया है, इस वजह से उनकी प्रतिक्रिया जरूर संयत आई है। इसी तरह कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से उम्मीदवार बनाया तो पहले उन्होंने हैरानी जताई। फिर उनके समर्थक उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय का टिकट कटने की आशंका में भोपाल पहुंच गए। इन परिस्थितियों में भाजपा की अगली सूची में जब 40% विधायकों के टिकट कटेंगे तो स्थिति और खराब हो सकती है। अमित शाह के दौरे का फोकस भी डैमेज कंट्रोल का ही रहेगा। वह स्पष्ट शब्दों में कहने वाले हैं कि विरोध को किसी भी हालत में उठने नहीं देना है।

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