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नशे के कारोबारियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 10 साल से फरार 60 से अधिक आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम

उज्जैन। मध्य प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों में 10 वर्ष से अधिक समय से फरार चल रहे 60 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनमें ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट जारी हो चुके हैं। कुछ अपराधियों की तलाश पुलिस वर्ष 1999 से कर रही है।

मुख्यमंत्री और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 27 अक्टूबर से नशे के कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत पुलिस की विशेष टीमें दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्यों में छिपे आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अभियान के शुरुआती तीन दिनों में पुलिस ने दो वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

इस साल 109 आरोपी गिरफ्तार, 63 से अधिक मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार, इस वर्ष एमडी, स्मैक, गांजा, अफीम और चरस जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों से जुड़े 63 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 109 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का लक्ष्य नशे के नेटवर्क को तोड़ने के साथ लंबे समय से फरार अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाना है।

PIT-NDPS के तहत 20 आरोपियों पर कार्रवाई

नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में बार-बार शामिल होने वाले अपराधियों के खिलाफ PIT-NDPS अधिनियम के तहत भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस वर्ष अब तक 20 आरोपियों को इस कानून के तहत निरुद्ध किया गया है, जबकि पिछले वर्ष केवल दो लोगों पर ऐसी कार्रवाई हुई थी।

पुलिस अब जमानत पर बाहर आए आरोपियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। दोबारा नशे के कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ भी PIT-NDPS के तहत कार्रवाई की जाएगी।

15 दिन में गवाहों की पेशी का लक्ष्य

पुलिस प्रशासन ने एनडीपीएस से जुड़े मामलों में जल्द सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में भी कदम उठाया है। इसके लिए आगामी 15 दिनों के भीतर सभी संबंधित मामलों के गवाहों और विवेचना अधिकारियों को न्यायालय में पेश कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि वर्षों से फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ लंबित कानूनी कार्रवाई को भी आगे बढ़ाना है।