उज्जैन। जिले के पंथ पिपलई क्षेत्र में विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से मध्य प्रदेश बिजली कंपनी के एक आउटसोर्स कर्मचारी की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम किठोदा निवासी सुनील सोलंकी (33) पिछले करीब 12 वर्षों से मध्य प्रदेश बिजली कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। शुक्रवार सुबह उन्हें पंथ पिपलई क्षेत्र में बिजली लाइन के रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए भेजा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खंभे पर काम करते समय अचानक विद्युत प्रवाह की चपेट में आने से उन्हें जोरदार करंट लगा और वे ऊंचाई से नीचे गिर पड़े।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए गंभीर रूप से घायल सुनील को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। लेकिन सिर और शरीर पर आई गंभीर चोटों के कारण शुक्रवार शाम उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी न तो घटनास्थल पर पहुंचा और न ही अस्पताल में परिवार से संपर्क किया। परिजनों का दावा है कि यदि स्थानीय ग्रामीण तत्काल मदद नहीं करते, तो घायल कर्मचारी को समय पर अस्पताल भी नहीं पहुंचाया जा सकता था।
सुनील सोलंकी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिवार को नियमानुसार पर्याप्त आर्थिक सहायता, मुआवजा तथा आश्रित को रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और बिजली कंपनी से मानवीय आधार पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
घटना ने आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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