उज्जैन। शहर के बेगमबाग क्षेत्र में युवाओं ने नशे के खिलाफ एक अनूठी सामाजिक मुहिम शुरू की है। पयाम-ए-इंसानियत फोरम और बेगमबाग नौजवान कमेटी के लगभग 35 से 40 स्वयंसेवक प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संस्था का उद्देश्य जनजागरूकता, परामर्श और सामाजिक सहयोग के माध्यम से उज्जैन को नशामुक्त शहर बनाने में योगदान देना है।
अभियान के तहत कार्यकर्ता नुक्कड़ सभाओं, व्यक्तिगत काउंसलिंग और जनसंपर्क के जरिए लोगों को शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत करा रहे हैं। संस्था को स्थानीय नागरिकों से मोबाइल के माध्यम से नशे की समस्या से जुड़े लोगों की जानकारी मिलती है, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने और नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करती है।
अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है। नशा छोड़ने का संकल्प लेने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाइयां तथा जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे नई शुरुआत कर सकें।
सामाजिक सेवा के कई आयाम
संस्था नशा मुक्ति के साथ-साथ सामाजिक सेवा के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। हंगरी इंडिया अभियान के अंतर्गत जरूरतमंदों को भोजन वितरण, नियमित रक्तदान शिविरों का आयोजन तथा क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और समाज के सहयोग से इस अभियान का विस्तार भविष्य में पूरे उज्जैन शहर तक किया जाएगा।
नुक्कड़ सभाओं में दिया गया सामाजिक संदेश
जनसभाओं के दौरान वक्ताओं ने नशे के सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाता है तथा युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अभियान में मौलाना तय्यब नदवी, हाफिज आरिफ बैग, मुफ्ती आरिफ नागौरी, हाफिज शाहिद उल्लाह, हाफिज सैयद दानिश, इंजीनियर जावेद खान सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
क्या बोले मौलाना तय्यब नदवी
मौलाना तय्यब नदवी ने कहा कि नशा व्यक्ति की सेहत, चरित्र, परिवार और सामाजिक जीवन पर गहरा दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में जनजागरूकता फैलाने की अपील की।

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