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छतरपुर-पिता की सांसे बचाने को बेटा देता रहा CPR, एंबुलेंस नहीं मिली तो लोडर वाहन से लेकर पहुंचा था अस्पताल!  

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एंबुलेंस नहीं मिलने कारण बीमार 65 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश विश्वकर्मा को उनका बेटा लोडर वाहन से लेकर अस्पताल जा रहा था. जाम में फंस जाने कारण रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. घटना राजनगर थाना क्षेत्र की है.

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के तालगांव निवासी बीमार 65 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश विश्वकर्मा अपने बेटे संतोष विश्वकर्मा के साथ छतरपुर जा रहे थे. तभी ग्राम बरकोंहा के पास उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने लगी.

बेटे के मुताबिक पिता की बिगड़ी हालत को देखकर एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची. मजबूरी में गंभीर हालत में पिता को एक लोडर वाहन से अस्पताल लेकर रहा रहा था और रास्ते में उन्हें cpr देता रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई.

जाम में फंस गया वाहन

लोडर वाहन से अस्पताल जाते समय वह रास्ते में जाम में फंस गया. वह चलती गाड़ी में ही अपने पिता को सीपीआर देता रहा, ताकि उनकी जान बच सके. मृतक के बेटे ने कहा कि अगर मौके पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद पिता की जान बच सकती थी. अगर सड़क पर जाम नहीं होता तो भी जान बच सकती थी. वहीं डाॅक्टरों के अनुसार मरीज को मृत अवस्था में अस्पताल लेकर आया गया था. शुरूआती जांच के अनुसार मौत हार्ट अटैक के कारण हुए है.

परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव अपने साथ लेकर चले गए. डाॅक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम नहीं होने से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सकता है. वहीं जगदीश की मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिसकी ज्यादा जरूरत होती है. वह मौके पर नहीं मिलता है.