वर्ष 2022 में हुए जनपद पंचायत उज्जैन के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर इंदौर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चुनाव दोबारा करवाने के निर्देश दिए हैं। इससे कांग्रेस को झटका लगा है। तब यह चुनाव इसलिए चर्चाओं में रहा था, क्योंकि बहुमत होने के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
27 जुलाई 2022 को उज्जैन जनपद अध्यक्ष पद के लिए मतदान हुए थे। जनपद में भाजपा समर्थित सदस्यों का बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस की उम्मीदवार विंध्या देवेंद्रसिंह पंवार 12-0 से अध्यक्ष का चुनाव जीती थीं। कांग्रेस समर्थित नासिर पटेल निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गए थे। भाजपा समर्थित उम्मीदवार भंवरबाई ने चुनाव प्रक्रिया को अवैध बताते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी जिस पर हाई कोर्ट ने चुनाव शून्य घोषित करते हुए अध्यक्ष का नया चुनाव कराने का आदेश दिया है।
कांग्रेस प्रत्याशी की जीत की घोषणा के बाद तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव (अब मुख्यमंत्री) समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे। एडीएम संतोष टैगोर (वर्तमान में जिला पंचायत शाजापुर सीईओ) से उनकी जमकर बहसबाजी भी हुई थी। चुनाव की ये प्रक्रिया उज्जैन जनपद पंचायत के कार्यालय में 28 जुलाई 2022 को हुई थी। कांग्रेस समर्थित सदस्यों की संख्या कम होने के बावजूद कांग्रेस समर्थित पिपलोदा द्वारकाधीश की विंध्या देवेंद्रसिंह पवार अध्यक्ष और दताना के नासीर पटेल उपाध्यक्ष चुने गए थे।

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